महाकुंभ संस्कृति, अध्यात्म और आस्था का प्रतीक, योगी आदित्यनाथ को भव्य आयोजन के लिए बधाई : विष्णुदेव साय
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प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी धर्मपत्नी के साथ आस्था की डुबकी लगाई। उनके साथ प्रदेश के राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि भी प्रयागराज पहुंचे हैं। सभी अरेल घाट पहुंचे और वहां से मोटर बोट के जरिए त्रिवेणी संगम के लिए रवाना हुए, जहां सभी ने स्नान कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्हें महाकुंभ में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने बताया कि 144 वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है और इस विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ से 166 लोग एक साथ संगम पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह अपने परिवार के साथ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित कई मंत्री, विधायक, सांसद और संगठन के सदस्य इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित हुए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने त्रिवेणी संगम में स्नान कर छत्तीसगढ़ की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की है। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में स्वच्छता और सुरक्षा की शानदार व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ को इतने विशाल और भव्य आयोजन के लिए बधाई भी दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आस्था का प्रतीक है, जहां लाखों श्रद्धालु एक साथ संगम में पुण्य स्नान कर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। उन्होंने इस अवसर को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक बताते हुए छत्तीसगढ़ के विकास, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।बता दें कि गुरुवार को महाकुंभ का 32वां दिन है और श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ, अब विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस उद्देश्य के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम मौजूद है। मेला प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार है। महाकुंभ में अब तक 48 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान किया है। यह पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है। मेला प्रशासन ने अब चार नए विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना को कार्यान्वित करना शुरू कर दिया है, जिसकी शुरुआत शुक्रवार से होगी।

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