
वक्फ संशोधन विधेयक पर विचार करने के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट गुरुवार को संसद में पेश की गई। इसके बाद दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया।केरल से भाकपा सांसद पी. संदोष कुमार ने राज्यसभा में कहा कि यह “भाजपा की समिति” है। इसका गठन सिर्फ जेपीसी की विरासत का अपमान करने के लिए किया गया था। इसे सिर्फ भाजपा की मदद के लिए बनाया गया था और सारी कार्यवाही “एकतरफा” थी।द्रमुक सांसद और जेपीसी सदस्य मोहम्मद अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि प्रक्रियाओं का ठीक से पालन नहीं किया गया। उन्होंने सभी बैठकें जल्दबाजी में कीं और सभी नियमों को दरकिनार कर दिया। विपक्ष का एक भी संशोधन स्वीकार नहीं किया गया। हमारे असहमति नोट का हिस्सा भी हटा दिया गया। उनका इरादा अन्य धार्मिक स्थलों की जमीनों पर भी कब्जा करने का है।जेपीसी सदस्य और कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नासीर हुसैन ने कहा कि वक्फ पर जेपीसी रिपोर्ट “पक्षपातपूर्ण और एकतरफा” है। प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। गैर-हितधारकों को बुलाया गया। हमें बैठक में बोलने नहीं दिया गया।झारखंड मुक्ति मोर्चा सांसद महुआ माजी ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि जिस तरह से सरकार की नजर वक्फ बोर्ड की जमीनों पर है और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। कल को गुरुद्वारों की संपत्तियों के साथ भी ऐसा ही हो सकता है। यही स्थिति ईसाई समुदाय के लिए भी पैदा हो सकती है।”