कोलकाता में भाजयुमो का ममता सरकार के खिलाफ धरना, 26 हजार शिक्षकों का मामला
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कोलकाता में गांधी मूर्ति के पास भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने ममता बनर्जी और उनकी सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 26,000 शिक्षकों की नौकरी खत्‍म हो जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। भाजयुमो के अध्यक्ष डॉ. इंद्रनील खान ने कहा कि इन 26,000 शिक्षकों के बेरोजगार होने के लिए ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ही जिम्मेदार है।उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने जानबूझकर हजारों युवाओं की नौकरी छीन ली, यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।

डॉ. इंद्रनील खान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल में युवाओं की नौकरी छीनने का काम ममता दीदी और उनकी सरकार ने किया है। हजारों लोगों की नौकरी चली गई और इसके लिए सिर्फ और सिर्फ टीएमसी सरकार जिम्मेदार है। ममता बनर्जी और उनके मंत्री, नेता और अधिकारियों ने मिलकर नौकरी छीनने की साजिश की और योग्य और अयोग्य की सूची को अलग नहीं किया, जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी लोगों की नौकरी चली गई। यही कारण है कि आज हम यहां प्रदर्शन कर रहे हैं।”

इस दौरान भाजयुमो की उपाध्यक्ष प्रियंका शर्मा ने भी ममता सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “यह एक बेहद शर्मनाक मामला है कि हमारे राज्य में 26,000 शिक्षकों की नौकरी चली गई है और इसके ल‍िए ममता बनर्जी की सरकार ज‍िम्‍मेदार है। जो लोग मेहनत से परीक्षा पास कर चुके थे, उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया और उनकी नौकरी चली गई। ममता बनर्जी को दूसरों के लिए दोस्त दिखने की आदत है, लेकिन राज्य के लोगों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।”

प्रियंका शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में पुलिस पर हमला करने और पत्थरबाजी के बावजूद ममता बनर्जी की सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह शांत रही और किसी ने कार्रवाई नहीं की। आज जब शिक्षक अपने अधिकारों के लिए डीआई ऑफिस गए तो उन पर लाठीचार्ज किया गया। यह सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और युवाओं के भविष्य के साथ खि‍लवाड़ क‍िया है।”

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